देश का मौसम: उत्तर भारत में सूखी सर्दी का सितम, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के
देश का मौसम: उत्तर भारत में सूखी सर्दी का सितम, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के
Read More
उत्तर भारत में रिकॉर्ड तोड़ सर्दी: दिल्ली में न्यूनतम तापमान 4.6°C, तमिलनाडु में भारी बारिश
उत्तर भारत में रिकॉर्ड तोड़ सर्दी: दिल्ली में न्यूनतम तापमान 4.6°C, तमिलनाडु में भारी बारिश
Read More
खेती से होगी नोटों की बारिश: जनवरी-फरवरी में लगाएं ये 5 सब्जियां, एक एकड़ में
खेती से होगी नोटों की बारिश: जनवरी-फरवरी में लगाएं ये 5 सब्जियां, एक एकड़ में
Read More
मकर संक्रांति 2026: 100 साल बाद बन रहा है दुर्लभ संयोग, ‘सर्वार्थ सिद्धि’ और ‘अमृत
मकर संक्रांति 2026: 100 साल बाद बन रहा है दुर्लभ संयोग, ‘सर्वार्थ सिद्धि’ और ‘अमृत
Read More
उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड का कहर: दिल्ली, यूपी और पंजाब समेत कई राज्यों
उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड का कहर: दिल्ली, यूपी और पंजाब समेत कई राज्यों
Read More

मकर संक्रांति 2026: 14 या 15 जनवरी? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और खिचड़ी पर्व का महत्व

सूर्य का मकर राशि में प्रवेश: 14 जनवरी को मकर संक्रांति

हिंदू धर्म के सबसे प्रमुख त्योहारों में से एक ‘मकर संक्रांति’ को लेकर इस साल लोगों में तारीख को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। पंचांग की गणना के अनुसार, साल 2026 में सूर्य देव 14 जनवरी की सुबह 09:03 बजे धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। ज्योतिषीय नियमों के अनुसार, जिस दिन सूर्य का मकर राशि में गोचर होता है, उसी दिन मकर संक्रांति मनाई जाती है। इसलिए, इस वर्ष 14 जनवरी को ही मुख्य पर्व मनाया जाएगा।

ADS कीमत देखें ×

महापुण्य काल और स्नान-दान का महत्व

मकर संक्रांति के दिन पवित्र नदियों में स्नान और दान का विशेष महत्व है। विद्वानों के अनुसार, 14 जनवरी को संक्रांति लगने के बाद 15 जनवरी की सुबह ‘महापुण्य काल’ रहेगा। इस समय स्नान करके सूर्य देव को अर्घ्य देना और उसके बाद ही खिचड़ी का सेवन करना अत्यंत फलदाई माना गया है। इस दिन काली उड़द की दाल, चावल, तिल, गुड़, कंबल और नए वस्त्रों का दान करने से घर में सुख-समृद्धि आती है।

Leave a Comment