उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और ‘कोल्ड डे’ का सितम
देश के उत्तरी राज्यों में सर्दी ने अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है। दिल्ली में आज इस सीजन का सबसे कम तापमान ४.६ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में पारा ३.४ डिग्री, जबकि झारखंड के डाल्टनगंज में ३.२ डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में ‘कोल्ड डे’ (Cold Day) की स्थिति बनी हुई है, जहाँ अधिकतम तापमान १० से १२ डिग्री के बीच बना हुआ है। घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी भी प्रभावित हो रही है।
बेमौसम बारिश: दिल्ली-एनसीआर और राजस्थान में बदला मौसम
९ जनवरी को राजस्थान के उत्तर-पूर्वी जिलों, दिल्ली-एनसीआर और दक्षिण हरियाणा में अचानक बादलों की आवाजाही के साथ हल्की बारिश देखने को मिली। मौसम विज्ञानी महेश पलावत के अनुसार, यह बारिश मध्य प्रदेश के ऊपर बने ‘एंटी साइक्लोन’ और राजस्थान के ऊपर बने ‘साइक्लोनिक सर्कुलेशन’ के मिलन (Confluence Zone) के कारण हुई। हालांकि, अब यह सिस्टम कमजोर पड़ रहा है और आज रात से मौसम साफ होने की उम्मीद है।
दक्षिण भारत में भारी बारिश का खतरा: ‘डीप डिप्रेशन’ सक्रिय
बंगाल की खाड़ी में बना ‘डीप डिप्रेशन’ आज रात श्रीलंका के तट को पार कर रहा है। इसके प्रभाव से १० जनवरी को तमिलनाडु के तटीय और दक्षिणी हिस्सों में भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। चेन्नई, पुडुचेरी, करायकल और नागापट्टिनम में तेज हवाओं के साथ भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। समुद्र में ऊंची लहरें उठने की आशंका को देखते हुए मछुआरों को तटीय क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
महाराष्ट्र और तेलंगाना में भी बारिश के आसार
दक्षिण भारत के सिस्टम के प्रभाव से १० और ११ जनवरी को तेलंगाना के दक्षिणी हिस्सों, रायलसीमा और कर्नाटक में बारिश होगी। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कई दिनों के शुष्क मौसम के बाद महाराष्ट्र के मराठवाड़ा और दक्षिण मध्य महाराष्ट्र में भी बारिश की संभावना बन रही है। सोलापुर, नांदेड़, परभणी, जालना और बीड जैसे जिलों में १० तारीख की रात या ११ जनवरी को बेमौसम हल्की बारिश हो सकती है।
पहाड़ों पर बर्फबारी का इंतजार और सूखी सर्दी
उत्तर भारत में तापमान गिरने के बावजूद इस साल पहाड़ों पर सामान्य से कम बर्फबारी हुई है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) की अनुपस्थिति के कारण जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में सूखे जैसे हालात बने हुए हैं। फिलहाल अगले ४-५ दिनों तक पहाड़ों पर किसी बड़े स्नोफॉल की उम्मीद नहीं है। मैदानी इलाकों में भी ‘सूखी सर्दी’ का प्रकोप जारी रहेगा, जिससे ठंड और बढ़ सकती है।